अंक: October 2014
 
Home     
DETAIL STORY
 
 
पृष्ठ कथा 
भारत निर्माता के प्रति
  आगे पढें ...
अग्र लेख

परिवहन क्षेत्रः आर्थिक पक्ष

जगन्नाथ कश्यप 


आगे पढें ...
Articles
  विकलांगता व कौशल विकास
शांति राघवन
  विकलांगजनों के लिए सहायक तकनीकी यंत्रों के विकास पर केंद्रित इस आलेख में बताया गया है कि तकनीक
  विकलांगों के लिए वित्तीय समावेशन
पी.सी. दास
  वित्तीय समावेशन का अर्थ समाज के वंचित समुदाय को सस्ती कीमत पर वित्तीय सेवाओं और विभिन्न वित्तीय
  विकलांगता से आगे सुगम्यता और कल्याण
शिवानी गुप्ता
  'विकलांग होना कोई अभिशाप नहीं है बस जरूरत है तो वातावरण को सुगम्य बनाने की। यदि विकलांगजनों को सुगम्य माहौल दिया जाएगा, तो वे स्वयं को और बेहतर ढंग से विकसित कर
  विकलांगजनों का सामाजिक समावेशनः मुद्दे और रणनीतियां
संध्या लिमये
  विकलांगजनों को सशक्त बनाने के लिए और उन्हें नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों (घर में, समाज में और कार्यस्थल पर)
चौराहे पर प्रसार भारती
जवाहर सरकार

प्रसार भारती की स्थापना 28 नवंबर, 1997 को उस समय हुई थी जब सरकार प्रसार भारती अधिनियम, 1990 को अंतत : लागू करने का निर्णय किया | आकाशवाणी और दूरदर्शन को सूचना और प्रसारण मंत्रालय से अलग करते हुए एक ' स्वायत्त निकाय' के अंतर्गत रखा गया | यह एक ऐतिहासिक निर्णय था जी संसद द्वारा लोक लेवा प्रसारक की स्थापना के लिए अधिनियम बनाय जाने के 7 वर्ष बाद किया गया , जिसके स्वरुप को उसके लक्ष्यों और कारणों के कथन में व्यापक स्पष्ट किया गया है :

"आकाशवाणी और दूरदर्शन को स्वाय्यात्ता प्रशन करने के लिए एक स्वायत्त निगम की स्थापना करने और उसे आकाशवाणी तथा दूरदर्शन द्वारा निष्पादित किये जाने वाले कार्य करने का प्रस्ताव किया गया ताकि निष्पक्ष, विषयपरक और रचनात्मक ढंग से काम कर सकें |

प्रस्तावित निगम नवीनता, गतिशीलता और उच्च्स्तर्रीय विश्वासनीयता एवं लचीलेपन के साथ समुचित स्वायत्त निकाय के रूप में काम करेगा | यह ऐसे लोकतांत्रिक परम्पराएं और संस्थान समृद्ध होंगे , निगम लोगों और संसद के प्रति जवाबदेह होगा , और देश की बहिरंगी परम्पराओं, भाषाओं और संस्कृतियों को ध्यान में रख कर काम करेगा | तदनुरूप प्रसार भारती ( ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया ) विधेयक संसद में पेश किया गया |"



 
 
Regional Languages
Hindi
English
 
खबरें और झलकियाँ
नियमित लेख
झरोखा जम्मू कश्मीर का : कश्मीर में रोमांचकारी पर्यटन
जम्मू-कश्मीर विविधताओं और बहुलताओं का घर है| फुर्सत के पल गुजारने के अनेक तरकीबें यहाँ हर आयु वर्ग के लोगों के लिए बेशुमार है| इसलिए अगर आप ऐडवेंचर टूरिस्म या स्पोर्ट अथवा रोमांचकारी पर्यटन में रूचि रखते हैं तो जम्मू-कश्मीर के हर इलाके में आपके लिए कुछ न कुछ है.
Copyright © 2008 All rights reserved with Yojana Home  |  Disclaimer  |  Contact