अंक: October 2014
 
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पृष्ठ कथा 
भारत निर्माता के प्रति
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अग्र लेख

भारतीय असंगठित अर्थव्यवस्था की भूमिका
बारबरा हैरिस व्हाइट
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Articles
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जितेंद्र सिंह
  जीवन, दुर्घटना के कारण होने वाली निशक्तता के जोखिम को कवर करने वाली और वृद्धावस्था में आमदनी संबंधी योजनाएं . ..
  डिजिटल क्रांति से बदलता सामाजिक परिवेश
-आशीष खंडेलवाल
  ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम निश्चित तौर पर वर्तमान समय की जरूरतों और दूरगामी सोच को ध्यान में रखते हुए विशाल स्तर पर तैयार किया गया संतुलित कार्यक्रम है, जो दीर्घावधि में सकारात्मक ....
  आर्थिक वृद्धि तथा सामाजिक विकास
एन आर भानुमूर्ति / वर्षा सिवराम
  हाल के वर्षों में भारत प्रगति तथा सामाजिक विकास के बीच की खाई को भरने का प्रयास करता रहा है। हालांकि इन ....
  . भारत का समग्र विकासः अवधारणाएं और साक्ष्य
श्रीपद मोतीराम.
  गरीबी में गिरावट को समग्र विकास के संकेत के तौर पर देखा गया है। असल में भारत के शिक्षाविदों और नीति ...
  विकास में सुदूर का समावेश
ऋषभ कृष्ण सक्सेना
  भारत ने कई क्षेत्रों में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं, मगर अभी भी उसे और बुलंदी तक पहुंचने में कड़ी ..
चौराहे पर प्रसार भारती
जवाहर सरकार

प्रसार भारती की स्थापना 28 नवंबर, 1997 को उस समय हुई थी जब सरकार प्रसार भारती अधिनियम, 1990 को अंतत : लागू करने का निर्णय किया | आकाशवाणी और दूरदर्शन को सूचना और प्रसारण मंत्रालय से अलग करते हुए एक ' स्वायत्त निकाय' के अंतर्गत रखा गया | यह एक ऐतिहासिक निर्णय था जी संसद द्वारा लोक लेवा प्रसारक की स्थापना के लिए अधिनियम बनाय जाने के 7 वर्ष बाद किया गया , जिसके स्वरुप को उसके लक्ष्यों और कारणों के कथन में व्यापक स्पष्ट किया गया है :

"आकाशवाणी और दूरदर्शन को स्वाय्यात्ता प्रशन करने के लिए एक स्वायत्त निगम की स्थापना करने और उसे आकाशवाणी तथा दूरदर्शन द्वारा निष्पादित किये जाने वाले कार्य करने का प्रस्ताव किया गया ताकि निष्पक्ष, विषयपरक और रचनात्मक ढंग से काम कर सकें |

प्रस्तावित निगम नवीनता, गतिशीलता और उच्च्स्तर्रीय विश्वासनीयता एवं लचीलेपन के साथ समुचित स्वायत्त निकाय के रूप में काम करेगा | यह ऐसे लोकतांत्रिक परम्पराएं और संस्थान समृद्ध होंगे , निगम लोगों और संसद के प्रति जवाबदेह होगा , और देश की बहिरंगी परम्पराओं, भाषाओं और संस्कृतियों को ध्यान में रख कर काम करेगा | तदनुरूप प्रसार भारती ( ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया ) विधेयक संसद में पेश किया गया |"



 
 
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