अंक: November 2008
 
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योजना के बारे में  
 
 
पृष्ठ कथा
भारत की कुल जनसंख्या का 42 प्रतिशत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों का है एक हालिया सर्वेक्ष्रण में कहा गया है कि वर्...
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  बाल अधिकार और भारत
   बाल अधिकार अभिसमय क्या है?
प्रायः सीआरसी अथवा यूएनसीआरसी के

  बच्चों में निवेश की जरूरत
  भारत में दुनिया के दूसरे देशों की तुलना में निर्धारित न्यूनत
  हिंसक होता बचपन
  देश एवं समाज का भविष्य बहुत कुछ देश के बच्चों के समुचित सरंक्
  बाल अधिकार - सही परिप्रेक्ष्य
  बाल अधिकारों से संबंधित संयुक्त राष्ट्र के समझौते में बच्चो
  बाल विकास एवं पोषण
  वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल आबादी का 35 प्रतिशत हिस्स
 
 
 

योजना सामाजिक-आर्थिक सरोकारों को समर्पित मासिक पत्रिका है। इसका पहला अंक प्रख्यात लेखक श्री खुशवंत सिंह ने संपादित किया था। वे इसके पहले प्रधान संपादक थे। यह पत्रिका हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू, पंजाबी, मराठी, गुजराती, बंगाली, असमिया, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम और उड़िया 13 भाषओं में प्रकाशित होती है।
आर्थिक विषयों पर आधारित अनेक समाचारपत्र और पत्रिकायें इन दिनों द्याहरी पाठकों विशेष कर 'क' और 'ख' श्रेणी के बड़े शहरों के समाचार पिपासुओं की आवश्यकता की पूर्ति कर रहे हैं। छोटे शहरों तक आर्थिक पत्र-पत्रिकाओं की पहुंच सीमित है। योजना इन्हीं 'ग' और 'घ' श्रेणी के शहरों और कस्बों के सुधी पाठकों तक पहुंचने की कोशिश करती है। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग भाषओं में योजना लोगों को आर्थिक मुद्दों से रू-ब-रू कराती है। हालांकि योजना एक सरकारी प्रकाशन है परंतु यह केवल सरकारी विचारों की अभिव्यक्ति तक सीमित नहीं है। इसकी कोशिश होती है कि जहां सराहना की आवश्यकता है, वहां सराहना की जाए और जहां आलोचना की जानी है वहां रचनात्मक दृष्टिकोण से आलोचना की जाए। योजना किसी भी विषय पर अलग-अलग मतों और विचारों को सम्मान देती है और संतुलित चित्र प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। 

 
 
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