अंक: October 2014
 
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भारत निर्माता के प्रति
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अग्र लेख

परिवहन क्षेत्रः आर्थिक पक्ष

जगन्नाथ कश्यप 


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Articles
  अधिकतम शासनः ई-शासन के माध्यम से जनपहुंच
रंजीत मेहता
  भारत में ई-गवर्नेंस की शुरुआत रक्षा सेवाओं, आर्थिक नियोजन, राष्ट्रीय जनगणना, चुनाव, कर संग्रह, आदि के लिए कम्प्यूटरीकरण पर जोर के साथ 1960 के दशक के अंत में
  किसानों का कल्याणः वर्तमान परिदृश्य
जे पी मिश्र
  कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का विशालतम क्षेत्र है। इस क्षेत्र ने वर्ष 2014-15 में समग्र सकल मूल्य वर्धन में
  योगः आधुनिक जीवनशैली व अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता
ईश्वर वी बासवरेड्डी
  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इलाज में चिकित्सा के प्राचीन प्रणालियों को शामिल करने की जरूरत पर जोर दिया है। डब्ल्यूएचओ ने सु
  योग साधकों का मूल्यांकन एवं प्रमाणन
रवि पी सिंह&bsp; मनीष पांडे
  योग संस्थानों के प्रमाणन की योजना उन मूलभूत नियमों में सामंजस्य बिठाने की दिशा में उठाया कदम है,
  योगः स्वस्थ व तनावमुक्त जीवन का संतुलन
ईश्वर एन आचार&bsp; राजीव रस्तोगी
  आज की व्यस्त जीवनशैली में अपने स्वास्थ्य का ख्याल रख पाना एक जटिल कार्य हो गया है लेकिन
रेल बजट का फोकस: आम आदमी

रेलमंत्री सुश्री ममता बनर्जी दवारा संसद में 3 जुलाई को पेश वर्ष 2009-10 के रेल बजट का फोकस वास्तव में आम आदमी है| रेल बजट में आम आदमी को केंद्र में रखकर विविध क्षेत्रों के लिए काफी मजबूत ताना-बाना बुना गया है| चाहे गरिब आदमी हो या असंगठित मजदूर, किसान हो या बेरोजगार युवा, सबके लिए कुछ न कुछ ठोस पहल इस बजट में नजर आती है| रेल बजट में सभी पक्षों पर ध्यान दिया गया है और व्यापक संतुलन बिठाते हुए काफी मेहनत की गई है| इसी नाते यह रेल बजट जनोन्मुखी होने के साथी विकासोन्मुखी और प्रगतिशील भी है| रेलमंत्री के रूप में सुश्री बनर्जी पहले भी दो रेल बजट पेश कर चुकीं हैं| यह उनका तीसरा रेल बजट है जिसे भारतीय रेल इतिहास के सबसे शानदार बजट के रूप में देखा जा रहा है| यूपीय सरकार का यह सातंवा रेल बजट है जिसमें किराया भाङा नहीं बढाया गया है| वैश्विक मंदी और पेट्रोलियम पदार्थो के दामों में हुई बढोतरी को देखते हुए ऐसा माना जा रहा था कि रेलमंत्री कम से कम वातानुकूलित श्रेणी में किराया तथा माल भाङा जरूर बढाएंगी| लेकिन ऐसा नहीं किया गया| इसके विपरित रेलमंत्री ने यात्री सेवाओं को और बेहतर करने की दिशा में पहल की है तथा साफ कहा कि "अर्थव्यवस्था की मंदी से हमारे समाज के गरिब पर काफी आर्थिक भार पङा है इस नाते किसी भी दर्जे के किराए या मालभाङे में कोई वृध्दि नहीं की जा रही है|" उनका इरादा भारतीय रेल को एक मजबूत, जबावदेह और गतिशील संगठन बनाने का है, जिसमें ऊचें दर्जे की क्षमता और प्रभावशीलता हो| इसी के साथ रेलमंत्री ने यह शेर पढकर भविष्य में कुछ नया कर गुजरने का सकेंत भी दिया है|

 
 
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जम्मू-कश्मीर विविधताओं और बहुलताओं का घर है| फुर्सत के पल गुजारने के अनेक तरकीबें यहाँ हर आयु वर्ग के लोगों के लिए बेशुमार है| इसलिए अगर आप ऐडवेंचर टूरिस्म या स्पोर्ट अथवा रोमांचकारी पर्यटन में रूचि रखते हैं तो जम्मू-कश्मीर के हर इलाके में आपके लिए कुछ न कुछ है.
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