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| उदारीकरण का युग शुरू होने के पूर्व भारत .... |
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अग्र लेख
मुद्रास्फीति : पुनर्विचार मांगता प्रश्न कमल नयन काबरा
अन्य सभी क्षेत्रों की तरह ही .....
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मुद्रास्फीति : पुनर्विचार मांगता प्रश्न कमल नयन काबरा |
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अन्य सभी क्षेत्रों की तरह ही अर्थ...
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नितियों को मुद्रास्फीति की चुनौती शशांक भिङे |
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मुद्रास्फीति की ऊंची दर उपभोक्ताओं...
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भारत में मुद्रास्फीति के प्रकरण मानस भट्टाचार्य |
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भारत में परंपरा से मुद्रास्फीति ...
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मुद्रास्फीति और अर्थव्यवस्था की स्थिति के.आर.सुदामन |
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मुद्रास्फीति ऐसी स्थिति है जिससे...
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मुद्रास्फीति : मिथक, वास्तविकता एवं नीतिगत एजेंडा
वी. षण्णमुखम देबज्योति डे |
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भारत में तेज़ी से बढ़ रही महंगाई, वैसे ...
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आम बजट 2009-10 की मुख्य विशेषताएं |
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वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी दवारा लोकसभा में प्रस्तुत आम बजट 2009-10 में सरकार के समक्ष आने वाली चुनौतियां, प्रमुख क्षेत्रों के लिए किए गए आवंटन के साथ-साथ बजट में प्रस्तावित निम्नलिखित विशेषताएं समाहित है;
- अर्थव्वस्था को यथाशीघ्र विकास पथ पर अग्रसर करके सकल घरेलु उत्पाद की प्रतिवर्ष 9 प्रतिशत की विकास दर हासिल करना|
- समावेशी विकास के एजेंङे को सुददृढ और व्यापक बनाना|
- सरकार का वितरण तंत्र बेहतर बनाना|
- भारत की अर्थव्यवस्था का ढांचा पिछले दस वर्षो में तेजी से बदला है| सकल घरेलु उत्पाद में सेवा क्षेत्र का योगदान 50 प्रतिशत से अघिक हो गया और पण्य व्यापार का हिस्सा दोगना होकर 2008-09 में सकल घरेलु उत्पाद के 38.9 प्रतिशत पर पहुंच गया|
- भारतीय अर्थव्यवस्था पर वैश्विक मंदी के नकारात्मक प्रभाव का सामना करने के लिए सरकार ने कर राहत के रूप में तीन प्रोतसाहन पैकेज प्रदान करके और सरकारी परियोजनाओं पर व्यय बढाकर पहल की| इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक दवारा मौद्रिक सहजीकरण और नकदी बढाने के उपाए किए गए|
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