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| पिछले कुछ दशकों में भारत एक के बाद एक आई आपदाओं से इस कदर आहत और क्षत-विक्षत हुआ है कि उसे संभलने का अवसर ही नहीं मिल सक... |
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अग्र लेख
भारतीय अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का योगदान जी. श्रीनिवासन
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अधिकतम शासनः ई-शासन के माध्यम से जनपहुंच
रंजीत मेहता
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भारत में ई-गवर्नेंस की शुरुआत रक्षा सेवाओं, आर्थिक नियोजन, राष्ट्रीय जनगणना, चुनाव, कर संग्रह, आदि के लिए कम्प्यूटरीकरण पर जोर के साथ 1960 के दशक के अंत में
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किसानों का कल्याणः वर्तमान परिदृश्य
जे पी मिश्र
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कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का विशालतम क्षेत्र है। इस क्षेत्र ने वर्ष 2014-15 में समग्र सकल मूल्य वर्धन में
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योगः आधुनिक जीवनशैली व अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता
ईश्वर वी बासवरेड्डी
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इलाज में चिकित्सा के प्राचीन प्रणालियों को शामिल करने की जरूरत पर जोर दिया है। डब्ल्यूएचओ ने सु
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योग साधकों का मूल्यांकन एवं प्रमाणन
रवि पी सिंह&bsp; मनीष पांडे
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योग संस्थानों के प्रमाणन की योजना उन मूलभूत नियमों में सामंजस्य बिठाने की दिशा में उठाया कदम है,
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योगः स्वस्थ व तनावमुक्त जीवन का संतुलन
ईश्वर एन आचार&bsp; राजीव रस्तोगी
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आज की व्यस्त जीवनशैली में अपने स्वास्थ्य का ख्याल रख पाना एक जटिल कार्य हो गया है लेकिन
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अर्थव्यवस्था में महिलाओं की स्थिति |
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देश में महिलाओं की स्थिति को जानने के लिये हमें उनके सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक जीवन के बारे में जानना आवश्यक है। इसके अंतर्गत बहुत सारे पहलू सम्मिलित होते हैं जैसे - शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, प्रतिव्यक्ति आय, जीवनस्तर, प्रजननता, जन्मदर, शहरीकरण, सामाजिक मानसिकता, परंपरा राजनैतिक एवं वैधानिक अधिकार इत्यादि। महिलाओं की स्थिति में परिवर्तन करने वाले महत्वपूर्ण घटक साक्षरता दर शिक्षा मानवीय विकास का कद्रें बिंदु है साक्षरता से अन्य कई सामाजिक समस्याओं जैसे - ऊंची जन्मदर, स्वास्थ्य की देखभाल का अभाव, अज्ञानता एवं निर्धनता के समाधान में सहायता मिलती है हमारे देश में इस प्रक्रिया में अधिकांश महिलाएं पीछे रह गईं हैं यही कारण है कि वे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र, आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक तथा सांस्कृतिक क्षेत्र में शोषण व अत्याचार का शिकार हुईं। महिलाओं में शिक्षा के अभाव का तात्पर्य उनमें आत्मनिभर्रता तथा आत्मविश्वास की कमी है जिसके कारण वह अपनी समस्याओं का स्वतः ही समाधान करने में समर्थ नहीं हैं। महिलाओं का शिक्षित होना अति आवश्यक है क्योंकि वह परिवार को शिक्षित करती हैं किंतु अधिकांश लोग शिक्षा को नौकरी प्राप्त करने का साधन मात्र समझते हैं। |
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लेख |
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झरोखा जम्मू कश्मीर का : कश्मीर में रोमांचकारी पर्यटन |
जम्मू-कश्मीर विविधताओं और बहुलताओं का घर है| फुर्सत के पल गुजारने के अनेक तरकीबें यहाँ हर आयु वर्ग के लोगों के लिए बेशुमार है| इसलिए अगर आप ऐडवेंचर टूरिस्म या स्पोर्ट अथवा रोमांचकारी पर्यटन में रूचि रखते हैं तो जम्मू-कश्मीर के हर इलाके में आपके लिए कुछ न कुछ है.
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