अंक: October 2014
 
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पृष्ठ कथा
पिछले कुछ दशकों में भारत एक के बाद एक आई आपदाओं से इस कदर आहत और क्षत-विक्षत हुआ है कि उसे संभलने का अवसर ही नहीं मिल सक...
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अग्र लेख

भारतीय अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का योगदान
जी. श्रीनिवासन .........

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Articles
  अधिकतम शासनः ई-शासन के माध्यम से जनपहुंच
रंजीत मेहता
  भारत में ई-गवर्नेंस की शुरुआत रक्षा सेवाओं, आर्थिक नियोजन, राष्ट्रीय जनगणना, चुनाव, कर संग्रह, आदि के लिए कम्प्यूटरीकरण पर जोर के साथ 1960 के दशक के अंत में
  किसानों का कल्याणः वर्तमान परिदृश्य
जे पी मिश्र
  कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का विशालतम क्षेत्र है। इस क्षेत्र ने वर्ष 2014-15 में समग्र सकल मूल्य वर्धन में
  योगः आधुनिक जीवनशैली व अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता
ईश्वर वी बासवरेड्डी
  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इलाज में चिकित्सा के प्राचीन प्रणालियों को शामिल करने की जरूरत पर जोर दिया है। डब्ल्यूएचओ ने सु
  योग साधकों का मूल्यांकन एवं प्रमाणन
रवि पी सिंह&bsp; मनीष पांडे
  योग संस्थानों के प्रमाणन की योजना उन मूलभूत नियमों में सामंजस्य बिठाने की दिशा में उठाया कदम है,
  योगः स्वस्थ व तनावमुक्त जीवन का संतुलन
ईश्वर एन आचार&bsp; राजीव रस्तोगी
  आज की व्यस्त जीवनशैली में अपने स्वास्थ्य का ख्याल रख पाना एक जटिल कार्य हो गया है लेकिन
भारत के वन क्षेत्रों की स्थिति

भारत में वन एवं वृक्ष की क्षेत्र वार सूचि को प्रणालीगत स्वरूप तथा नियमितता प्रदानभारत में वन एवं वृक्ष की क्षेत्र वार सूचि को प्रणालीगत स्वरूप तथा नियमितता प्रदान करने की शुरूआत दो दशक पूर्व १९८७ में हुई थी। नियमित समय पर वैज्ञानिक आधार पर प्रत्यके दो वर्ष में सुदूर संवेदी प्रोधोगिकी के द्वारा वन की स्थिति रिपोर्ट बनाना, देश के नवीनतम वन क्षेत्र का मूल्यांकन उपलब्ध कराना तथा इसमे आए बदलाव को  ध्यान में रखना और राष्ट्रीय वन क्षेत्र  का सूचिकरण एवं वन क्षत्रों  के बाहरी वृक्षों के संसाधनों को रखने का कार्य भारतीय वन सर्वेक्षण को  सोंपा  गया है यह वन संसाधनों के  आंकडों की सूचि  के सगंह्र को जमा करने के लिये केन्द्रीय एजेंसी की तरह कार्यरत है। 
भारत की वन स्थिति रिपोर्ट-२००५  दसवीं रिपाटे है  जो वर्ष  २००८ में प्रकाशित हुई है रिपोर्ट  के लिये १९८७ से देशज उपगह्र लैंडसैट के आंकडों के प्रयोग की शुरूआत करते हुए  आईआरएसपी ६ संसाधन उपग्रह लिस १११ के उपगह्र आंकडों का दसवीं  रिपोर्ट  के लिये उपयोग किया गया है। सुदूर संवेदी प्रौद्योगिकी के माध्यम से वन संसाधनों के आकलन में महत्वपूर्ण मदद मिलती है।
भारत की वन स्थिति रिपोर्ट-२००५ के अनुसार, देश में कुल ६.७७१ करोड़ हेक्टयेर  वन क्षेत्र है जोकि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का २०.६० प्रतिशत है।

 
 
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